खेलकूद
छात्राओं के स्वास्थ्यवर्धन, शरीर में स्फूर्ति, पारस्परिक सहयोग आदि भावनाओं को पुष्ट करने के लिए प्रतिभास्थली खेल एवं उसके प्रशिक्षण में हमेशा अग्रणी भूमिका का निर्वहन करती है। प्रतिभास्थली में सभी प्रकार के INDOOR एवं OUTDOOR GAME सम्मिलित हैं।
खेलमपुष्टगात्रस्य बुद्धिस्तेजो यशोबलम्।
प्रवर्दन्ते मनुषस्य तस्माद्व्यायामचरेत।।
खेल एवं व्यायाम से शरीर पुष्ट होता है, उनकी बुद्धि, शरीर का तेज, यश और बल बढ़ जाता है। छात्रों के शरीर की प्रकृति एवं शरीर संवर्धन हेतु खेलकूद आवश्यक है।
“फुर्तीले शरीर में व्यवहारशील मस्तिष्क”
प्रतिभास्थली में घरेलू खेल, द्वन्द खेल, खेल दिवस, प्राणायाम तथा योगा आदि के माध्यम से छात्राओं को खेल खेलने के लिए उचित वातावरण दिया जाता है। जिससे उनमे खेल भावना के साथ-साथ, सहनशीलता, साहस, परिश्रम, धैर्य आदि गुणों का भी विकास होता है।
युग दृष्टा आचार्य भगवंत गुरुवर विद्यासागर जी की अद्वितीय साधना एवं विश्व पर उनकी सीमातीत करुणा की अभिव्यक्ति हैं, “प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ“।
जहाँ संस्कार एवं संस्कृति के गवाक्ष से कन्या रूपी बीज के उत्थान की अनगिनत संभावनाओं को समयोचित खाद पानी देकर उन्हें वटवृक्ष का रूप देने का अदभुततम प्रयोग किया जाता हैं।
प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ
दयोदय पशु संरक्षण केन्द्र (गौशाला)
ग्राम- मसोरा खुर्द, ज़िला- ललितपुर (उ. प्र.) 284403