प्रतिभास्थली में छात्राएँ सुर-ताल को पुनर्जीवित कर समस्त विश्व में इसका शंखनाद करती हैं। भारतीय संगीत के रागों में अद्भुत् गति है, जो सीधे आध्यात्मिक आत्मरंध्र को खोलती है। सम्पूर्ण वातावरण में पवित्रता, दिव्यता एवं मांगलिकता फैल जाती है।
युग दृष्टा आचार्य भगवंत गुरुवर विद्यासागर जी की अद्वितीय साधना एवं विश्व पर उनकी सीमातीत करुणा की अभिव्यक्ति हैं, “प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ“।
जहाँ संस्कार एवं संस्कृति के गवाक्ष से कन्या रूपी बीज के उत्थान की अनगिनत संभावनाओं को समयोचित खाद पानी देकर उन्हें वटवृक्ष का रूप देने का अदभुततम प्रयोग किया जाता हैं।
प्रतिभास्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ
दयोदय पशु संरक्षण केन्द्र (गौशाला)
ग्राम- मसोरा खुर्द, ज़िला- ललितपुर (उ. प्र.) 284403